Wednesday, 14 September 2011

हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ!

सर्वप्रथम  आप सभी लोगों  को  हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ! मुझे गर्व है कि मै एक हिन्दुस्तानी हूँ और हिंदी मेरी मातृभाषा है ! मगर दुःख इस बात का है कि आज भी हिंदुस्तान के  अधिकांश लोग  अपनी मातृभाषा हिंदी  को वो सम्मान नहीं देते जिसकी  वो हक़दार है ! बड़े  दुःख की बात है ! जहाँ तक मुझे लगता है की मेरे देशवाशियों को हिंदी बोलने में शायद शर्म लगती है इसीलिए तो आज अधिकांश लोग हिंदी कम और अंग्रेजी  भाषा को ज्यादा महत्त्व  देते  हैं  ! 

हम राष्ट्रकवि भारतेंदु हरिश्चंद्र की इन  पंक्तियों को भी भुला  चुके हैं......जिनमें उन्होंने निज भाषा को ही उन्नति का कारण बताया है -


                   निज भाषा उन्नति अहे , सब उन्नति को मूल 
                   बिन निज भाषा ज्ञान के , मिटे न कोई न सूल

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2 comments:

  1. विचारणीय मुद्दा है! हमें 'मात्रभाषा हिन्दी' को ज़्यादा से ज़्यादा प्रयोग करने की आवशयकता है !

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  2. वैसे आपका ब्लॉग बहुत अच्छा है! ऐसे ही लिखते रहो!

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