Thursday, 22 September 2011

आरक्षण की वैशाखी क्यों ?



एक बार फिर से नेताओं ने आरक्षण की वैशाखी का सहरा लेना शुरू कर दिया हैं !   पहले उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती  ने  इसके लिए  प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जिसमें  उन्होंने  मुस्लिमों , जाटों और   गरीब सवर्णों   को आरक्षण देने के लिए  संविधान में संशोधन करने की  अपील प्रधानमंत्री  से की थी! जिसके जवाब में  केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि केंद्र सरकार मुस्लिमों के लिए आरक्षण देने पर विचार कर रही है!  सवाल उठता है कि आखिर चुनाव के मौके पर ही  नेताओं को आरक्षण की याद क्यों आती है? ज़ाहिर है चुनाव जीतने  के लिए!  यानी की वोट के लिए !  दूसरी बात क्या आरक्षण से  गरीब लोगों की सभी  समस्यायों का समाधान हो जाएगा ?   आखिर कब तक नेता लोग चुनाव जीतने की लिए आरक्षण की  वैशाखी का सहारा लेते रहेंगे?

1 comment:

  1. जब तक जनता इनको सबक नहीं सिखाती, तब तक ऐसा ही चलता रहेगा !

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